अपनी पहचान मिटाने को कहा जाता है   सब की पगड़ी को हवा में उछाला जाए  सोचता हूं कोई अखबार निकाला जाए  पीके जो मस्त हैं उनसे तो कोई ख़ौफ़   नहीं पीके जो होश में है उनको संभाला जाए  आसमा ही नहीं एक चांद भी रहता है यहां  भूलकर भी कोई पत्थर ना उछाला जाए  नए एहबान  की त…